Navratri 2022 Maa Chandraghanta pooja on the third day of Navratri karz mukti dhan ki prapti mantra नवरात्रि के तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, ऐसे बनाती हैं माता कर्ज मुक्त और धनवान

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Navratri 2022

Highlights

  • नवरात्रि का तीसरा दिन 4 अप्रैल को है।
  • तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करने से दूर होंगी धन से जुड़ी समस्याएं

हर साल 6 महीने के अंतराल पर नवरात्रि आती है। नवरात्रि के 9 दिन देवी शक्ति के 9 अलग-अलग रूप की पूजा होती है। पहेल दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा चौथे दिन मां कुष्मांडा, पाचंवे दिन स्कंद माता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नवें दिन मां सिद्धिदात्री के रूप की पूजा की जाती है। मां के हर रूप का महत्व है और हर रूप की अलग खासियत है। 4 अप्रैल को नवरात्रि का तीसरा दिन है और आज के दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी।

शुभ मुहूर्त

तृतीया तिथि दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। चैत्र शुक्ल पक्ष की उदया तिथि तृतीया और सोमवार 4 अप्रैल को है। तृतीया तिथि दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है, यानि मां दुर्गा की तीसरी शक्ति की उपासना का दिन । आज मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की उपासना की जायेगी । देवी मां के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है । 


मां चंद्रघंटा का वाहन सिंह है। जिनके दस हाथों में से चार दाहिनी हाथों में कमल का फूल, धनुष, जप माला और तीर है और पांचवां हाथ अभय मुद्रा में रहता है, जबकि चार बाएं हाथों में त्रिशूल, गदा, कमंडल और तलवार है और पांचवा हाथ वरद मुद्रा में रहता है, उनका स्वरूप भक्तों के लिए बड़ा ही कल्याणकारी है। ये सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिये तैयार रहती हैं । इनके घंटे की ध्वनि के आगे बड़े से बड़ा शत्रु भी नहीं टिक पाता है। अतः देवी चंद्रघंटा हर परिस्थिति में सभी तरह के कष्टों से छुटकारा दिलाने में सहायक है ।

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मां चंद्रघंटा का भोग

कन्याओं को खीर, हलवा या स्वादिष्ट मिठाई भेट करने से माता प्रसन्न होती है। माता चंद्रघंटा को प्रसाद के रूप में गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाने से जातक को सभी बिघ्न बाधाओं से मुक्ति मिलाती है|

मां चंद्रघंटा की पूजा विधि

माता की चौकी पर माता चंद्रघंटा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद गंगा जल या गौमूत्र से शुद्धिकरण करें। चौकी पर चांदी,  तांबे या मिट्टीके घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें। इसके बाद पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारामां चंद्रघंटा सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अध्र्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधितद्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्रपुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।

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मां चंद्रघंटा दूर करेंगी सारी परेशानियां

अगर आज के दिन मां चंद्रघंटा के मंत्र का जप किया जाये तो अभी बतायी सभी परेशानियों के साथ ही साधक को शुक्र ग्रह से संबंधी परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है। क्योंकि शुक्र ग्रह पर मां चंद्रघंटा का आधिपत्य रहता है। लिहाजा आज आपको मां चंद्रघंटा के मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए । मंत्र है-

पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

आज इस मंत्र का 11 बार जप करने से आपको शुक्र संबंधी परेशानियों के साथ ही जीवन में अन्य परेशानियों से भी छुटकारा मिलेगा। 

ऋण मुक्ति मंत्र

आज माता चन्द्रघंटा के इस मन्त्र का 51 बार जप करने से आपको जल्द ही ऋण यानि कर्ज से मुक्ति मिलेगी। यह है मंत्र-

दारिद्रय दुःख भय हरिणी का त्वदन्या

सर्वोपकार करणाय सदार्द चित्ता।

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ऋण मुक्ति उपाय

आज पीली कौड़ी और हर सिंगार की जड़ को रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप से पूजन करके धारण करें, या अपने पास रखें तो ऋण से मुक्ति प्राप्त होगी।

आज सफ़ेद कपड़े में पांच गुलाब के फूल, चांदी का टुकड़ा, चावल और गुड, सफ़ेद कपड़े में रखकर 21 बार गायत्री मन्त्र का पाठ करें। ”मेरी परेशानी उतर जाये मेरा, कर्ज उतर जाये” मन में ऐसा विचार करते हुये जल में प्रवाहित करें।

आज कमल की पंखुड़ियों में माता को मक्खन मिसरी का भोग लगाकर 48 लौंग और 6 कपूर की आहुति दीजिये। आज केले के पेड़ की जड़ में रोली, चावल, फूल और जल अर्पित करें और नवमी वाले दिन केले के पेड़ की थोड़ी सी जड़ तिजोरी में रखें कर्ज से मुक्ति होगी।

धन प्राप्ति के उपाय

माता महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मन्त्र है-

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद

श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

आज इस मन्त्र का 108 बार जप करने से आपको अथाह धन की प्राप्ति होगी। आज पान के पत्ते में गुलाब की सात पंखुड़िया रखें और महालक्ष्मी मन्त्र पढ़ते हुये पान को देवी मां को चढ़ा दें।

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